महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लड़कियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘लेक लाडकी योजना’ (Lek Ladki Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों में जन्मी बेटियों को सरकार 1 लाख 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
समाज में लड़कियों को बोझ समझने की मानसिकता को बदलने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बाल विवाह पर लगाम लगाने के मकसद से शुरू की गई यह योजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
लेकिन यह योजना क्या है, इसके तहत पैसे कैसे मिलते हैं, इसके लिए कौन पात्र है और आवेदन की प्रक्रिया क्या है? आइए, आधिकारिक शासनादेश (GR) और महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के आधार पर इसे विस्तार से समझते हैं।
लेक लाडकी योजना क्या है?
महाराष्ट्र में पहले से चल रही ‘माझी कन्या भाग्यश्री योजना’ को अधिक्रमित (Supersede) करते हुए, राज्य सरकार ने 30 अक्टूबर 2023 को ‘लेक लाडकी योजना’ का शासनादेश (GR) जारी किया था।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के जन्म दर (Sex Ratio) में वृद्धि करना, उनके पोषण और शिक्षा का ख्याल रखना और स्कूल ड्रॉपआउट (स्कूल छोड़ने की दर) को शून्य पर लाना है। यह योजना पूर्वव्यापी प्रभाव से 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद जन्मी लड़कियों पर लागू होती है।
लेक लाडकी योजना के फायदे: 1 लाख 1 हजार रुपये कैसे मिलेंगे?
इस योजना के तहत दी जाने वाली 1,01,000 रुपये की कुल राशि बेटी के परिवार को एक साथ नहीं दी जाती, बल्कि बेटी के विकास और शिक्षा के अहम पड़ावों पर इसे 5 किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में भेजा जाता है:
- जन्म के समय: बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये।
- पहली कक्षा में: बेटी के पहली कक्षा (1st Standard) में प्रवेश लेने पर 6,000 रुपये।
- छठी कक्षा में: बेटी के छठी कक्षा (6th Standard) में पहुंचने पर 7,000 रुपये।
- ग्यारहवीं कक्षा में: बेटी के ग्यारहवीं कक्षा (11th Standard) में दाखिला लेने पर 8,000 रुपये।
- 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर: जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तब उसे 75,000 रुपये की अंतिम और सबसे बड़ी किस्त दी जाती है (शर्त यह है कि उस समय तक लड़की अविवाहित होनी चाहिए)।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? (पात्रता और शर्तें)
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- जन्म तिथि: लड़की का जन्म 1 अप्रैल 2023 को या उसके बाद होना चाहिए।
- राशन कार्ड: परिवार के पास महाराष्ट्र का पीला (Yellow) या नारंगी (Orange) राशन कार्ड होना अनिवार्य है।
- आय सीमा: लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- निवास प्रमाण: परिवार महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए और बैंक खाता भी महाराष्ट्र राज्य में ही स्थित होना चाहिए।
- बच्चों की संख्या और परिवार नियोजन: * यह योजना परिवार की एक या अधिकतम दो लड़कियों के लिए लागू है (या एक लड़का और एक लड़की होने पर)।
- दूसरे बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को परिवार नियोजन (Family Planning) का प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य है।
- अगर दूसरे प्रसव के दौरान जुड़वां बेटियां होती हैं, तो दोनों को लाभ मिलेगा, लेकिन उसके बाद परिवार नियोजन अनिवार्य होगा।
आवेदन के लिए आवश्यक कागजात (Required Documents)
आवेदकों को फॉर्म के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित (Attested) फोटोकॉपी लगानी होगी:
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र।
- तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया परिवार का आय प्रमाण पत्र (1 लाख रुपये से कम)।
- परिवार का पीला या नारंगी राशन कार्ड।
- माता-पिता और बालिका का आधार कार्ड (पहली किस्त के समय बालिका के आधार कार्ड की छूट दी जाती है)।
- निवास प्रमाण पत्र (Domicile)।
- लाभार्थी या माता के साथ संयुक्त बैंक खाते की पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी।
- स्कूल में दाखिला लेने का प्रमाण पत्र (बोनाफाइड सर्टिफिकेट) – दूसरी से चौथी किस्तों के लिए।
- परिवार नियोजन (नसबंदी) का प्रमाण पत्र (शर्तानुसार)।
- 18 वर्ष पूरे होने पर: बालिका का वोटर आईडी कार्ड और अविवाहित होने का स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration)।
कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step Verified Process)
लेक लाडकी योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ज़मीनी स्तर (Offline) पर काम करती है, ताकि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से जुड़ सकें।
चरण 1: फॉर्म प्राप्त करना आवेदक को अपने क्षेत्र के नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र जाना होगा। वहां आंगनवाड़ी सेविका से ‘लेक लाडकी योजना’ का आवेदन फॉर्म नि:शुल्क प्राप्त करें। यह फॉर्म बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) या ज़िला परिषद कार्यालय से भी लिया जा सकता है।
चरण 2: फॉर्म भरना और दस्तावेज़ संलग्न करना फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां (नाम, पता, बैंक डिटेल्स) सावधानी से भरें और ऊपर बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी फॉर्म के साथ संलग्न (Attach) करें।
चरण 3: फॉर्म जमा करना पूरी तरह से भरा हुआ फॉर्म अपनी आंगनवाड़ी सेविका (Anganwadi Worker) या आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका (Supervisor) के पास जमा कर दें।
चरण 4: जांच और स्वीकृति (Verification) आंगनवाड़ी सेविका आपके दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच करेगी। सही पाए जाने पर यह फॉर्म मुख्य सेविका से होते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पास भेजा जाएगा। वहां से अंतिम मंजूरी के लिए इसे ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और आयुक्तालय को फॉरवर्ड किया जाएगा।
चरण 5: लाभ का हस्तांतरण आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को SMS या ईमेल के जरिए सूचित किया जाएगा और निर्धारित किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यदि परिवार किसी दूसरे ज़िले में पलायन (Migrate) करता है, तो वे नए ज़िले के ICDS अधिकारी को आवेदन देकर आगे की किस्तें चालू रख सकते हैं।
हेल्पलाइन और संपर्क विवरण (Helpline & Contact Details)
अगर आपको ‘लेक लाडकी योजना’ को लेकर कोई समस्या आ रही है या अधिक जानकारी चाहिए, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
- स्थानीय स्तर पर: अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र, आंगनवाड़ी सेविका या बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के कार्यालय में संपर्क करें।
- ज़िला स्तर पर: अपने ज़िले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी (DWCDO) कार्यालय जा सकते हैं।
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: राज्य की महिला हेल्पलाइन नंबर 181 या बाल हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करके भी इस योजना के संबंध में मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
- ऑनलाइन शिकायत: यदि योजना का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है, तो महाराष्ट्र सरकार के ‘आपले सरकार’ (Aaple Sarkar) पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है? जवाब: नहीं। फिलहाल इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। आपको फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र से ही प्राप्त करना और जमा करना होगा।
सवाल 2: अगर परिवार में तीन बेटियां हैं, तो क्या तीनों को लाभ मिलेगा? जवाब: नहीं। इस योजना का लाभ परिवार की अधिकतम दो लड़कियों को ही मिलता है। यदि दूसरे प्रसव में जुड़वां लड़कियां होती हैं, तो दोनों को लाभ मिलेगा, लेकिन उसके बाद माता/पिता को परिवार नियोजन (नसबंदी) का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
सवाल 3: क्या योजना का लाभ लेने के लिए महाराष्ट्र का मूल निवासी होना ज़रूरी है? जवाब: हां। लाभार्थी परिवार के पास महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र (Domicile) होना चाहिए और उनका बैंक खाता भी महाराष्ट्र राज्य की किसी बैंक शाखा में ही होना अनिवार्य है।
सवाल 4: अगर लड़की की उम्र 18 साल पूरी हो जाए, लेकिन उसकी शादी हो चुकी हो, तो क्या 75,000 रुपये मिलेंगे? जवाब: नहीं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 75,000 रुपये की अंतिम और सबसे बड़ी किस्त तभी मिलेगी जब लड़की 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित हो। इस शर्त का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को पूरी तरह से रोकना है।
सवाल 5: मेरी बेटी का जन्म 31 मार्च 2023 को हुआ है, क्या उसे इस योजना का लाभ मिलेगा? जवाब: नहीं। सरकारी शासनादेश (GR) के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, यह योजना केवल 1 अप्रैल 2023 को या उसके बाद जन्मी लड़कियों पर ही लागू होती है।
सवाल 6: क्या अनाथ बच्चियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा? जवाब: हां, महाराष्ट्र सरकार के नियमानुसार अनाथ बच्चियों को भी इस योजना का लाभ मिलता है। उनके मामले में अनाथालय या संबंधित संरक्षण अधिकारी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाती है।
नोट: यह योजना सरकार की एकीकृत बाल विकास योजना (ICDS) प्रणाली के तहत संचालित की जाती है। किसी भी तरह की शंका या परेशानी होने पर सीधे अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।



