भारत में दशकों से बालिकाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण (Empowerment) को लेकर व्यापक चर्चा होती रही है। कन्या भ्रूण हत्या (Female foeticide) से लेकर उच्च शिक्षा के अभाव तक, बेटियों को ऐतिहासिक रूप से कई स्तरों पर सामाजिक और आर्थिक संघर्षों का सामना करना पड़ा है। इस परिदृश्य को बदलने, समाज में जेंडर समानता (Gender equality) स्थापित करने और बालिकाओं को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने के लिए भारत सरकार (Government of India) ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं।
इन Central government schemes का मुख्य फोकस जन्म के समय से लेकर बालिका की उच्च शिक्षा और विवाह तक एक मजबूत Financial और Educational सपोर्ट सिस्टम तैयार करना है। नीचे उन प्रमुख सरकारी योजनाओं की विस्तृत सूची (Detailed list) दी गई है, जो विशेष रूप से बालिकाओं के लिए डिजाइन की गई हैं:
1. सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana – SSY)
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भारत सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल के अंतर्गत शुरू की गई एक प्रमुख Small Savings Scheme है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के भविष्य की शिक्षा और विवाह के खर्चों को पूरा करने के लिए माता-पिता को एक सुरक्षित Investment विकल्प प्रदान करना है।
- मुख्य विशेषताएं (Key Features): यह योजना Long-term investment पर आकर्षक Interest rate (ब्याज दर) प्रदान करती है, जो आमतौर पर अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक होती है।
- पात्रता (Eligibility): किसी भी बालिका के जन्म से लेकर उसके 10 वर्ष की आयु पूरी होने तक, उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक (Legal guardian) यह अकाउंट खोल सकते हैं। एक परिवार में अधिकतम दो लड़कियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है।
- आर्थिक लाभ (Financial Benefits): इस योजना में निवेश की गई राशि, अर्जित ब्याज और Maturity amount तीनों Income Tax Act के Section 80C के तहत पूरी तरह से Tax-free होते हैं।
- Maturity: यह खाता बालिका के 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर मैच्योर होता है। हालांकि, बालिका के 18 वर्ष की होने पर उसकी उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी (Partial withdrawal) की अनुमति दी जाती है।
2. बालिका समृद्धि योजना (Balika Samridhi Yojana – BSY)
बालिका समृद्धि योजना (BSY) मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line – BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसका लक्ष्य बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज के नकारात्मक दृष्टिकोण को बदलना और स्कूल में उनके Enrollment को बढ़ावा देना है।
- मुख्य विशेषताएं (Key Features): यह योजना बालिका के जन्म से लेकर उसकी स्कूली शिक्षा तक Financial support की एक श्रृंखला सुनिश्चित करती है।
- आर्थिक सहायता (Financial Assistance): योजना के तहत, बालिका के जन्म पर 500 रुपये का Post-birth grant दिया जाता है। इसके बाद, जब बालिका स्कूल जाना शुरू करती है, तो उसे कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक हर साल Annual Scholarship (वार्षिक छात्रवृत्ति) प्रदान की जाती है।
- पात्रता (Eligibility): यह योजना 15 अगस्त 1997 या उसके बाद जन्म लेने वाली उन बालिकाओं के लिए लागू है, जो BPL परिवारों से संबंधित हैं। इसका लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उठाया जा सकता है।
3. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao – BBBP)
यह योजना देश में घटते Child Sex Ratio (बाल लिंग अनुपात) और महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रीय अभियान है। इसे तीन मंत्रालयों— Ministry of Women and Child Development, Ministry of Health and Family Welfare, और Ministry of Education— द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है।
- उद्देश्य (Objective): इसका प्राथमिक लक्ष्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिकाओं की उत्तरजीविता (Survival) और सुरक्षा सुनिश्चित करना, और शिक्षा के माध्यम से उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
- कार्यप्रणाली (Methodology): यह कोई Direct Benefit Transfer (DBT) योजना नहीं है, बल्कि यह एक Awareness campaign (जागरूकता अभियान) और Policy intervention है। इसके तहत जिला स्तर पर प्रशासन को फंड दिया जाता है ताकि वे बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम उठा सकें।
4. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya – KGBV)
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना का उद्देश्य देश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े ब्लॉक (Educationally Backward Blocks – EBBs) में हाशिए पर रहने वाले समुदायों की लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
- मुख्य विशेषताएं (Key Features): इसके तहत उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary level) से लेकर कक्षा 12 तक की बालिकाओं के लिए Residential schools (आवासीय विद्यालय) स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में शिक्षा, आवास, भोजन और किताबें पूरी तरह से मुफ्त प्रदान की जाती हैं।
- आरक्षण (Reservation): KGBV में दाखिले के लिए कुल सीटों में से न्यूनतम 75% सीटें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक (Minority) समुदायों की बालिकाओं के लिए आरक्षित होती हैं। शेष 25% सीटें गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों की बालिकाओं को आवंटित की जाती हैं।
5. सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड (CBSE Merit Scholarship for Single Girl Child)
Central Board of Secondary Education (CBSE) द्वारा संचालित यह Scholarship scheme उन मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए है, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान (Single girl child) हैं।
- पात्रता (Eligibility): इस स्कॉलरशिप के लिए वे छात्राएं आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने CBSE बोर्ड से कक्षा 10 की परीक्षा कम से कम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो और जो CBSE से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई जारी रख रही हों। साथ ही, स्कूल की ट्यूशन फीस (Tuition fee) 1,500 रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आर्थिक लाभ (Financial Benefits): चयनित छात्राओं को अधिकतम दो वर्षों (कक्षा 11 और 12) के लिए 500 रुपये प्रति माह की Scholarship दी जाती है। इसका भुगतान Electronic Clearing System (ECS) के माध्यम से सीधे छात्रा के Bank account में किया जाता है।
6. नेशनल स्कीम ऑफ इंसेंटिव टू गर्ल्स (National Scheme of Incentive to Girls for Secondary Education)
यह योजना मुख्य रूप से माध्यमिक स्तर (Secondary Education) पर बालिकाओं, विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग की छात्राओं के Drop-out rate को कम करने और उनके Enrollment को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई है।
- मुख्य विशेषताएं (Key Features): जो पात्र छात्राएं कक्षा 8 पास करके कक्षा 9 में प्रवेश लेती हैं, उनके नाम पर केंद्र सरकार द्वारा 3,000 रुपये की राशि Fixed Deposit के रूप में बैंक में जमा की जाती है।
- परिपक्वता (Maturity): यह राशि Interest के साथ तब निकाली जा सकती है, जब बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है और उसने कक्षा 10 की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो।
- पात्रता (Eligibility): इसमें SC/ST वर्ग की सभी छात्राएं शामिल हैं, साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) से कक्षा 8 पास करने वाली सभी छात्राएं (चाहे वे किसी भी वर्ग की हों) इस योजना के लिए पात्र मानी जाती हैं।
7. सीबीएसई उड़ान योजना (CBSE Udaan Scheme)
भारत के प्रमुख Engineering institutions (जैसे IITs, NITs) में छात्राओं के कम Enrollment को देखते हुए Ministry of Education के मार्गदर्शन में CBSE द्वारा ‘उड़ान’ योजना की शुरुआत की गई है। इसका फोकस विज्ञान और गणित (Science and Mathematics) के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना है।
- उद्देश्य (Objective): योजना का लक्ष्य स्कूल स्तर की शिक्षा और Engineering Entrance Exams के बीच के गैप को भरना है।
- लाभ (Benefits): कक्षा 11 और 12 में विज्ञान संकाय (Physics, Chemistry, Mathematics) की पढ़ाई कर रही चयनित छात्राओं को Joint Entrance Examination (JEE) की तैयारी के लिए निःशुल्क Study material, Online video tutorials, और Mentorship support प्रदान किया जाता है।
- पात्रता (Eligibility): मान्यता प्राप्त बोर्ड (CBSE/State Boards) के स्कूलों में कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्राएं जिन्होंने कक्षा 10 में न्यूनतम 70% अंक (Science और Math में 80%) प्राप्त किए हैं और जिनके परिवार की वार्षिक आय (Annual income) 6 लाख रुपये से कम है, वे इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।
8. एआईसीटीई प्रगति स्कॉलरशिप योजना (Pragati Scholarship Scheme by AICTE)
All India Council for Technical Education (AICTE) द्वारा शुरू की गई यह योजना तकनीकी शिक्षा (Technical Education) के क्षेत्र में लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन कदम है।
- उद्देश्य (Objective): लड़कियों को डिग्री या डिप्लोमा स्तर के तकनीकी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों (Technical courses) में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
- लाभ (Benefits): इसके तहत चयनित छात्राओं को ट्यूशन फीस, किताबें, कंप्यूटर और अन्य खर्चों के लिए प्रति वर्ष 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है।
- पात्रता (Eligibility): यह योजना उन छात्राओं के लिए है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है। एक परिवार की अधिकतम दो लड़कियां जो किसी AICTE मान्यता प्राप्त संस्थान के प्रथम वर्ष (या लेटरल एंट्री के माध्यम से द्वितीय वर्ष) में प्रवेश लेती हैं, इसके लिए पात्र मानी जाती हैं।
9. बेगम हज़रत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (Begum Hazrat Mahal National Scholarship)
यह स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय (Ministry of Minority Affairs) द्वारा विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों (Minority communities – मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन) की मेधावी छात्राओं के लिए दी जाती है।
- उद्देश्य (Objective): अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों के स्कूल ड्रॉप-आउट को रोकना और उन्हें उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- लाभ (Benefits): कक्षा 9 और 10 की छात्राओं को प्रवेश और ट्यूशन फीस के लिए 5,000 रुपये प्रति वर्ष, और कक्षा 11 और 12 की छात्राओं को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- पात्रता (Eligibility): पिछली कक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करने वाली अल्पसंख्यक छात्राएं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है, वे इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकती हैं।
10. पोस्ट-ग्रेजुएट इंदिरा गांधी स्कॉलरशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड (Post-Graduate Indira Gandhi Scholarship for Single Girl Child)
University Grants Commission (UGC) द्वारा पेश की गई यह योजना उन लड़कियों को मास्टर डिग्री (Post-graduation) करने के लिए आर्थिक सहायता देती है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
- लाभ (Benefits): इस योजना के तहत छात्राओं को उनकी 2 साल की मास्टर डिग्री के दौरान प्रति वर्ष 36,200 रुपये की स्कॉलरशिप (वर्तमान नियमों के अनुसार) प्रदान की जाती है ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
- पात्रता (Eligibility): किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज में पूर्णकालिक (Full-time) मास्टर डिग्री प्रोग्राम के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली इकलौती छात्राएं जिनकी आयु दाखिले के समय 30 वर्ष तक हो, इसके लिए पात्र हैं।
11. स्वामी विवेकानंद सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप (Swami Vivekananda Fellowship for Single Girl Child)
UGC द्वारा संचालित यह फेलोशिप (Fellowship) मुख्य रूप से सामाजिक विज्ञान (Social Sciences) में शोध या Ph.D. करने वाली इकलौती बेटियों के लिए डिज़ाइन की गई है।
- उद्देश्य (Objective): उच्च शिक्षा और शोध (Research) में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, ताकि वे एकेडमिक्स के क्षेत्र में अपना करियर बना सकें।
- लाभ (Benefits): इसके तहत चयनित छात्राओं को JRF (Junior Research Fellowship) और SRF (Senior Research Fellowship) के मानकों के अनुरूप मासिक फेलोशिप राशि और आकस्मिक अनुदान (Contingency grant) दिया जाता है।
- पात्रता (Eligibility): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सामाजिक विज्ञान में पूर्णकालिक Ph.D. प्रोग्राम में नामांकित छात्रा, जो अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हो, वह इसके लिए आवेदन कर सकती है।
12. समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan – Umbrella Scheme)
समग्र शिक्षा अभियान स्कूली शिक्षा के लिए एक व्यापक (Umbrella) कार्यक्रम है, जो प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 12 तक को कवर करता है। हालांकि यह सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं है, लेकिन इसमें ‘जेंडर समानता’ (Gender Equity) को स्थापित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
- प्रमुख प्रावधान (Key Provisions): इसके तहत बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को कक्षा 8 से बढ़ाकर कक्षा 12 तक अपग्रेड किया गया है।
- अतिरिक्त पहल (Additional Initiatives): सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय (Separate toilets) का निर्माण और कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण (Self-defense training) इस योजना का अहम हिस्सा है ताकि बालिकाओं के लिए स्कूल का माहौल सुरक्षित और अनुकूल बन सके।




