भारत सरकार ने ‘जनगणना 2027’ (Census 2027) के पहले चरण की तैयारियां तेज़ कर दी हैं। इस बार की जनगणना पिछले दशकों के मुक़ाबले पूरी तरह से अलग और ‘डिजिटल’ होने जा रही है। महाराष्ट्र में घर-घर जाकर होने वाले पारंपरिक सर्वे (House Listing) से ठीक पहले, नागरिकों को एक विशेष ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) सुविधा दी जा रही है। इसका मतलब है कि अब आपको सर्वे अधिकारी का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है; आप ख़ुद एक Official Portal के ज़रिए अपनी और अपने परिवार की पूरी Information ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
यह नई डिजिटल पहल न केवल आपका समय बचाएगी बल्कि डेटा को ज़्यादा सटीक और सुरक्षित भी बनाएगी।
अगर आप महाराष्ट्र के निवासी हैं, तो यहाँ जानिए कि यह पूरी प्रक्रिया क्या है और आप घर बैठे अपना ‘Self-Enumeration’ कैसे कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में Census 2027 के पहले चरण की महत्वपूर्ण तारीख़ें
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा है। महाराष्ट्र राज्य के लिए जो समय-सीमा तय की गई है, वह इस प्रकार है:
- स्व-गणना (Self-Enumeration) की तारीख़: 1 मई से 15 मई (यह वह 15 दिनों का समय है जब आप ख़ुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं।)
- घर-घर जाकर सर्वे (House Listing): 16 मई से 14 जून (इस दौरान सरकारी अधिकारी यानी प्रगणक आपके घर आएंगे।)
‘Self-Enumeration’ के ज़रिए Online कैसे भरें अपनी Details? (Step-by-Step Process)
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह एक बेहद आसान और सुरक्षित डिजिटल सुविधा है। अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए आपको इन 9 आसान Steps का पालन करना होगा:
Step 1: सबसे पहले जनगणना के आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं। Step 2: अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करें और OTP के ज़रिए सुरक्षित तरीके से Log-in (लॉग-इन) करें। Step 3: पोर्टल पर अपना राज्य (महाराष्ट्र), ज़िला और स्थानीय जानकारी (Local Details) चुनें। Step 4: स्क्रीन पर दिखने वाले डिजिटल मैप (Digital Map) पर अपने घर की लोकेशन (स्थान) को मार्क (चिह्नित) करें। Step 5: इसके बाद, अपने घर और परिवार से जुड़ी जो भी जानकारी और Details मांगी गई हैं, उन्हें ध्यानपूर्वक भरें। Step 6: फॉर्म पूरी तरह से भरने और Submit (सबमिट) करने के बाद, सिस्टम आपको एक ‘SE ID’ (Self-Enumeration ID) जनरेट करके देगा। Step 7: इस ‘SE ID’ को कहीं लिखकर रख लें या अपने फोन में सुरक्षित (Save) कर लें। यह बहुत महत्वपूर्ण है। Step 8: जब तय समय (16 मई से 14 जून के बीच) पर सर्वे अधिकारी (Enumerator) आपके घर आएं, तो उन्हें अपना फॉर्म दोबारा भरवाने के बजाय बस यही ‘SE ID’ दे दें। Step 9: अधिकारी अपने सिस्टम में आपकी SE ID डालकर आपके द्वारा दी गई Information को केवल Verify (सत्यापित) करेंगे। और बस, आपकी जनगणना का काम पूरा हो जाएगा!
इस ऑनलाइन ‘Self-Enumeration’ के फ़ायदे क्या हैं?
सरकार इस डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा दे रही है क्योंकि इसके तीन मुख्य फ़ायदे हैं:
- समय की बचत (Saves Time): आपको अधिकारी के सामने बैठकर लंबा फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा।
- सटीक जानकारी (Accurate Information): क्योंकि आप अपनी जानकारी ख़ुद भर रहे हैं, इसलिए नाम की स्पेलिंग या अन्य डिटेल्स में गलती (Human Error) होने की गुंजाइश कम हो जाती है।
- तेज़ डेटा प्रोसेसिंग (Fast Processing): ऑनलाइन डेटा सीधे सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रूप से पहुंच जाता है, जिससे जनगणना का काम तेज़ी से पूरा होता है।
अगर आप Online जानकारी नहीं भर पाए तो क्या होगा?
बीबीसी के कई पाठकों के मन में यह सवाल आ सकता है कि अगर किसी के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं है, तो क्या होगा?
आपको चिंता करने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) महज़ एक विशेष सुविधा है, यह कोई मजबूरी नहीं है। अगर आप किसी भी कारण से 1 मई से 15 मई के बीच ऑनलाइन जानकारी नहीं भर पाते हैं, तो तय कार्यक्रम के अनुसार सर्वे अधिकारी (Enumerator) आपके घर ज़रूर आएंगे और पारंपरिक तरीके से आपकी जानकारी अपने डिजिटल डिवाइस में दर्ज करेंगे।
प्राइवेसी और सुरक्षा: गृह मंत्रालय और भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पोर्टल पर दी गई आपकी सभी Information पूरी तरह से गोपनीय (Confidential) और सुरक्षित रखी जाएगी।
“हमारी जनगणना, हमारा विकास” — सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और इस नई डिजिटल जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।


